Category Archives: आर्काइव

अप्रैल 1996 (बिगुल प्रवेशांक)

  • चुनाव सिर्फ यह है कि ठगों-लुटेरों-अपराधियों का कौनसा गिरोह हमारे ऊपर हुकूमत करेगा
  • एक नये क्रान्तिकारी मजदूर अख़बार की जरूरत
  • पेरू : जुल्‍म के अंधेरे में चमकता लाल निशान
  • श्रमिक क्रान्ति निश्‍चय की साम्राज्‍यवाद-पूँजीवाद का नाश करेगी / भगतसिंह
  • मजदूरों के लिए आजादी और खुशहाली का रास्‍ता क्‍या है – लेनिन
  • मैक्सिम गोर्की : मेहनतकश जनता का सच्‍चा लेखक
  • बोल मजूरे हल्‍ला बोल / कान्तिमोहन
  • नई पेंशन योजना : मजदूरों को ठगने-लूटने की एक और साजिश