(मज़दूर बिगुल के मार्च-अप्रैल 2016 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

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सम्पादकीय

देशद्रोही वे हैं जो इस देश के लुटेरों के साथ सौदे करते हैं और इसकी सन्तानों को लूटते हैं, उन्हें आपस में लड़ाते हैं, दबाते और कुचलते हैं!!

फासीवाद / साम्‍प्रदायिकता

भयानक साज़िश / प्रस्तुति: सुरेन्द्र कुमार

झूठी देशभक्ति और राष्ट्रवाद की चाशनी में डूबा संघी आतंक और फ़ासीवाद! / सिमरन

विशेष लेख / रिपोर्ट

ख़ुद की ज़िन्दगी दाँव पर लगा महानगर की चमक-दमक को बरकरार रखते बंगलूरू के पोराकर्मिका (सफ़ाईकर्मी) / शिशिर गुप्ता

संघर्षरत जनता

चीन में मज़दूरों का बढ़ता असन्तोष / श्‍वेता

महान शिक्षकों की कलम से

मज़दूरों के महान नेता लेनिन के जन्मदिवस (22 अप्रैल) पर धर्म के बारे में दो उद्धरण

विरासत

भगतसिंह, सुखदेव, राजगुरु के शहादत दिवस (23 मार्च) के मौक़े पर – भगतसिंह की बात सुनो!

समाज

महाराष्ट्र में 2 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार / नितेश

शिक्षा और रोजगार

आरक्षण आन्दोलन, रोज़गार की लड़ाई और वर्ग चेतना का सवाल / अरविन्द

सरकारों की बेरुखी का शिकार – ग्रामीण रोजगार गारण्टी योजना / लखविन्‍दर

लेखमाला

मार्क्स की ‘पूँजी’ को जानिये : चित्रांकनों के साथ (दूसरी किस्त) / ह्यूगो गेलर्ट

बोलते आँकड़े, चीख़ती सच्चाइयाँ

बोलते आँकड़े, चीखती सच्चाइयाँ! – अमीर और गरीब आबादी के बीच आर्थिक गैर-बराबरी / मानव

औद्योगिक दुर्घटनाएं

मुनाफ़े की अन्धी हवस में हादसों में मरते मजदूर / मानव

गतिविधि रिपोर्ट

23 मार्च के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम

चन्‍द्रशेखर आजाद के 85वें शहादत के अवसर पर नौजवान भारत सभा ने शि‍क्षा-रोज़गार अधि‍कार अभि‍यान की शुरुआत की

‘बीडीएस इंडिया कन्वेंशन’ में इज़रायल के पूर्ण बहिष्कार का आह्वान

छात्रों-युवाओं के दमन और विरोधी विचारों को कुचलने की हरकतों का कड़ा विरोध

कला-साहित्य

अन्तरराष्ट्रीय स्त्री दिवस (8 मार्च) पर चार कविताएँ

  1. कविता – जो पैदा होंगी हमारे बाद / अज्ञात
  2. कविता – औरत की नियति / क्यू (वियतनाम, अट्ठारहवीं सदी)
  3. कविता – लहर / मर्ज़ि‍एह ऑस्‍कोई
  4. कविता – धीरे-धीरे आगे बढ़ती है / जेम्‍स कोनाली