(बिगुल के दिसम्‍बर 2009 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

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सम्पादकीय

यह महँगाई ग़रीबों के जीने के अधिकार पर हमला है! पूँजीपतियों को अरबों डॉलर के बेलआउट पैकेज देने वाली सरकार ग़रीबों को भुखमरी से बचाने की ज़ि‍म्मेदारी लेने को तैयार नहीं

साम्‍प्रदायिकता

लिब्रहान रिपोर्ट – जिसके तवे पर सबकी रोटी सिंक रही हैं

संघर्षरत जनता

लुधियाना की सड़कों पर हज़ारों मज़दूरों के गुस्से का लावा फूटा

महान शिक्षकों की कलम से

कम्युनिस्ट जीवनशैली के बारे में माओ त्से-तुङ के कुछ उद्धरण

लेखमाला

फ़ासीवाद क्‍या है और इससे कैसे लड़ें? (समापन किश्‍त) – फ़ासीवाद का मुकाबला कैसे करें? / अभिनव

बोलते आँकड़े, चीख़ती सच्चाइयाँ

बोलते आंकड़े चीखती सच्‍चाइयां

इतिहास

क्रान्तिकारी चीन ने प्रदूषण की समस्या का मुक़ाबला कैसे किया / सन्‍दीप

महान मज़दूर नेता

जोसेफ स्तालिन : क्रान्ति और प्रतिक्रान्ति के बीच की विभाजक रेखा / सत्‍यप्रकाश

कारखाना इलाक़ों से

संसदीय वामपंथियों के राज में हज़ारों चाय बाग़ान मज़दूर भुखमरी की कगार पर

गोरखपुर में अड़ियल मालिकों के ख़िलाफ मज़दूरों का संघर्ष जारी

औद्योगिक दुर्घटनाएं

एम.आर. डाइंग (ताजपुर रोड, लुधियाना) हादसा – लुधियाना के कारख़ाना मालिकों का खूँखार चेहरा फिर उजागर / लखविन्‍दर

भोपाल गैस त्रासदी की पच्चीसवीं बरसी (3 दिसम्बर) पर – शान्ति काल में पूँजी के हाथों हुए सबसे बड़े हत्याकाण्ड का नाम है भोपाल / शिवार्थ

मालिकों के मुनाफे की हवस का शिकार – एक और मजदूर – रंजीत भी मालिकों के मुनाफे की भेंट चढ़ गया / गौरव

मज़दूर बस्तियों से

कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स के लिए सजती दिल्‍ली में – उजड़ती गरीबों की बस्तियां / रूपेश

गोरखपुर मजदूर आंदोलन को आम नागरिकों का समर्थन