(मज़दूर बिगुल के जून 2016 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

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सम्पादकीय

सभी मोर्चों पर नाकाम मोदी सरकार और संघ परिवार पूरी बेशर्मी से नफ़रत की खेती में जुट चुके हैं! इनके गन्दे इरादों को रोकने के लिए मेहनतकशों को एकजुट होना होगा वरना ये पूरे देश को ख़ून के दलदल में तब्दील कर देंगे

अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

उद्योग सुस्त, रोज़गार सृजन पस्त, महँगाई बढ़ी, आमदनी घटी – ”अच्छे दिनों” की बुरी हक़ीक़त! / मुकेश त्यागी

आर्थिक संकट की चपेट में विकसित मुल्कों के मेहनतकश लोग / अमनदीप

गहराते आर्थिक संकट के बीच बढ़ रहा वैश्विक व्यापार युद्ध का ख़तरा / मानव

फासीवाद / साम्‍प्रदायिकता

बुरे दिनों की एक और आहट – बजरंग दल के शस्त्र प्रशिक्षण शिविर / रणबीर

संघर्षरत जनता

टेक्सटाइल-होज़री मज़दूरों की हड़तालों ने अड़ियल मालिकों को झुकने के लिए मजबूर किया / लखविन्‍दर

कारख़ानों में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंधों के लिए मज़दूरों का डी.सी. कार्यालय पर ज़ोरदार प्रदर्शन

आन्दोलन : समीक्षा-समाहार

वज़ीरपुर गरम रोला मज़दूरों की लम्बी हड़ताल के 2 साल होने पर / सनी सिंह

समाज

किसानों-खेत मज़दूरों की बढ़ती आत्महत्याएँ और कर्ज़ की समस्या : जिम्‍मेदार कौन है? रास्‍ता क्‍या है? / गुरप्रीत

बुर्जुआ जनवाद – दमन तंत्र, पुलिस, न्यायपालिका

ग्रेटर नोएडा की यामाहा फैक्ट्री में वेतन बढ़ोत्तरी की माँग पर हड़ताल कर रहे मज़दूरों पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बल ने बरसाई लाठियाँ!

विकलांगों के आये “अच्छे दिन”, “रामराज्य” में विकलांगों की पुलिस कर रही पिटाई! / मुनीश

छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के ख़ि‍लाफ़ सरकार का आतंकी युद्ध एक नये आक्रामक चरण में / शिशिर

बाल मज़दूर

चॉकलेट उद्योग का ग़ुलाम बचपन / नमिता

लेखमाला

मार्क्स की ‘पूँजी’ को जानिये : चित्रांकनों के साथ (चौथी किस्त) / ह्यूगो गेलर्ट

कारखाना इलाक़ों से

दिल्ली के सीलमपुर के ई-कचरा मज़दूरों की ज़िन्दगी की ख़ौफ़नाक तस्वीर / आनन्द सिंंह

औद्योगिक दुर्घटनाएं

एक और मज़दूर दुर्घटना का शिकार, मुनाफ़े की हवस ने ली एक और मज़दूर की जान!

डोम्बिवली फैक्टरी विस्फोट : मुनाफे़ की हवस व सरकारी लापरवाही ने लील ली कई जानें / नितेश

मज़दूर बस्तियों से

मुम्बई में लगातार ग़रीबों के बच्चों की गुमशुदगी के ख़ि‍लाफ़ मुहिम

वज़ीरपुर में जनता के माँगपत्रक अभियान की शुरुआत!

गतिविधि रिपोर्ट

क्रान्तिकारी संगठनों ने अमर शहीद सुखदेव का जन्म दिन मनाया

कला-साहित्य

कविता : अनिल सदा / अमिताभ बच्चन

आपस की बात

पाठक अनुज लुगुन का पत्र

मज़दूरों की कलम से

अस्पताल या कसाईखाना / एक मज़दूर, गाज़ियाबाद

मालिकों की नज़र में मज़दूर मशीनों के पुर्जे हैं / विशाल, लुधियाना

मज़दूरों के लिए गुजरात मॉडल की असलियत / राजेश, असंगठित स्वतंत्र मज़दूूर, कलायत, कैथल, हरियाणा