थर्मल पावर प्रोजेक्ट में मज़दूरों की हड़ताल, शोषण के ख़िलाफ़ उठाई आवाज।
‘बिगुल मज़दूर दस्ता, संघर्षरत मज़दूरों की इन हड़ताल से एकता जाहिर करता है। साथियों आज हम अपने संघर्षों को एकजुट और संगठित करना होगा। क्योंकि ज्यादातर थर्मल प्लांट, रिफाइनरी से लेकर फैक्ट्री- कारखानों में मज़दूरों की कई मांगे सांझा है।
हैदराबाद के जीडीमेटला औद्योगिक क्षेत्र की मज़दूर बस्ती में अंतरराष्ट्रीय स्त्री दिवस के अवसर पर मज़दूर बैठकी।
‘बैठकी का समापन ‘महिलाएँ अब उठी नहीं तो’ गीत गा कर किया गया। बैठकी में मौजूद औरतों ने ऐसी बैठकियाँ नियमित रूप से आयोजित करने की बात भी की।
हरियाणा में मज़दूरों की ‘हत्या’ के लिए अवैध कारख़ानेदार और श्रम कानूनों की धज्जियाँ उड़ाने वाली भाजपा सरकार ज़िम्मेदार
‘देश में हर साल हज़ारों मज़दूर औद्योगिक हादसों में अपनी जान गंवाते हैं, जबकि नए लेबर कोडों ने मज़दूरों की सुरक्षा को और कमज़ोर कर दिया है। इसलिए ज़रूरी है कि मज़दूर इस शोषण और लापरवाही के खिलाफ एकजुट हों।
Mazdoor Bigul activists in Hyderabad campaigned against the four labour codes near Jeedimetla industrial area exit.
‘The activists raised demands that working hours should be reduced to six hours a day for which a minimum monthly wage of ₹30,000 should be guaranteed and equal pay must be ensured for men and women workers. They also emphasised that the four labour codes must be repealed and that one day strikes are not enough; workers must unite for a broader struggle, including an indefinite general strike, which is the only way for these codes to be repealed. Many workers listened attentively and took pamphlets distributed by the activists.
पानीपत रिफाइनरी के श्रमिकों की हड़ताल का छठा दिन !
‘आज यह भी देखने को मिला कि पूरे रिफाइनरी क्षेत्र में पुलिस-प्रशासन, बाउंसरों, ठेकेदारों की मौजूदगी पहले से काफी ज़्यादा थी। बिगुल मज़दूर दस्ता ने शुरू से ही पानीपत रिफाइनरी के मज़दूरों की सभी माँगों का पुरज़ोर और सक्रिय समर्थन किया है। हम रिफाइनरी प्रशासन और सरकार से माँग करते हैं कि श्रमिकों पर किसी भी तरह का दबाव न बनाया जाये और उनकी सभी माँगों का सकारात्मक तौर पर समाधान होना चाहिए। श्रमिकों पर किसी भी प्रकार की बदले की या दमनात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
Mazdoor Bigul campaigns against the 4 labour codes amongst industrial workers in the Jeedimetla Industrial area in Hyderabad
‘As part of this, the activists told the workers that the Modi government is taking away all the existing hard earned rights of the workers. The labour codes is an attack on the minimum wages of workers, through introducing fixed term employment, it actively promotes contractualisation.
पानीपत रिफाइनरी के मज़दूरों की हड़ताल का पाँचवां दिन !
‘पानीपत रिफाइनरी में श्रमिकों की हड़ताल आज पाँचवें दिन में प्रवेश कर चुकी है। बिगुल मज़दूर दस्ता रिफाइनरी के मज़दूर साथियों के बीच लगातार मौजूद है। हम पानीपत रिफाइनरी के मज़दूरों की सभी माँगों का पुरज़ोर समर्थन करते हैं। हम रिफाइनरी प्रशासन और सरकार से माँग करते हैं कि श्रमिकों की सभी माँगों को तत्काल प्रभाव से पूरा किया जाये। श्रमिकों पर किसी भी प्रकार की बदले की या दमनात्मक कार्रवाई को तत्काल रोका जाये।
गुड़गाँव के सेक्टर-37 में चलाया गया मज़दूर बिगुल अख़बार का वितरण अभियान!
26 फ़रवरी को गुड़गाँव (हरियाणा) के सेक्टर-37 औद्योगिक क्षेत्र में मज़दूर बिगुल अख़बार का वितरण अभियान चलाया गया। सुबह के समय इस इलाक़े में गारमेंट व एक्सपोर्ट सेक्टर के अधिकतर…
पानीपत रिफाइनरी के संघर्षरत मज़दूरों को उनके सभी हक़-अधिकार प्रदान करो !
बिगुल मज़दूर दस्ता की ओर से पानीपत रिफाइनरी के मज़दूर साथियों के साथ मुलाक़ात की गयी और उनके हालात के बारे में जानकारी ली गयी। बिगुल मज़दूर दस्ता पानीपत रिफाइनरी…
पानीपत रिफाइनरी के मज़दूरों की सभी जायज़ माँगों को पूरा करो !
‘हरियाणा के पानीपत में स्थित इस रिफाइनरी की विभिन्न इकाइयों और विस्तार योजनाओं में 30 हज़ार से ज़्यादा मज़दूर-कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से ज़्यादातर श्रमिक ठेकेदारों के तहत कार्यरत हैं। दमन और शोषण का सबसे ज़्यादा सामना इन्हीं ठेका श्रमिकों को करना पड़ता है।





















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