(मज़दूर बिगुल के फ़रवरी 2022 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ़ फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-ख़बरों आदि को यूनिकोड फ़ॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

सम्पादकीय

मोदी सरकार का 2022-23 बजट – पूँजीपतियों की सेवा में बिछी मोदी सरकार की आम मेहनतकश जनता से फिर ग़द्दारी

चुनाव

पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव : मज़दूर वर्ग और आम जनता के सामने विकल्प क्या है? / इन्द्रजीत
जनता का जीवन रसातल में तो चुनावबाज़ पार्टियों की सम्पत्तियाँ शिखरों पर क्यों? / अरविन्द

संघर्षों के बीच

दिल्ली की आँगनवाड़ी महिलाकर्मी 31 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर!

फ़ासीवाद

बुल्ली बाई और सुल्ली डील इस सड़ते हुए समाज में फैले ज़हर के लक्षण हैं
हरिद्वार धर्म संसद में खुलेआम जनसंहार का आह्वान / केशव आनन्द

समसामयिक

बेरोज़गारी के भयंकर होते हालात और रेलवे के अभ्यर्थी छात्रों का आन्दोलन / वारुणी
हरियाणा के निजी क्षेत्र के रोज़गार में 75 प्रतिशत स्थानीय आरक्षण के मायने

संघी ढोल की पोल

कोरोना से हुई मौतों के आँकड़े छिपाने में जुटी मोदी सरकार के झूठों की खुलती पोल
लोगों को बेवक़ूफ़ बनाने के लिए बहिष्कार के ढिंढोरे के बीच चीन के साथ कारोबार का नया रिकॉर्ड!

अन्तर्राष्ट्रीय

कज़ाख़स्तान में आम मेहनतकश जनता की बग़ावत / डॉ. ऋषि
महामारी के दौर में भी यूक्रेन और ताइवान में बजाये जा रहे युद्ध के नगाड़े / आनन्द

कोरोना महामारी

मेहनतकशों पर कोरोना की तीसरी लहर की मार / भारत
गंगासागर मेले में फिर से कोरोना फैलाने की इजाज़त / भारत

कला-साहित्य

उम्मीद है आयेगा वह दिन (खदान मज़दूरों के जीवन पर एमील ज़ोला के प्रसिद्ध उपन्यास के अंश)
लोकतंत्र के बारे में नेता से मज़दूर की बातचीत / नकछेदी लाल