(मज़दूर बिगुल के मई 2018 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

सम्पादकीय

मोदी सरकार के चार साल : अच्छे दिनों का सपना दिखाकर लूट-खसोट के नये कीर्तिमान – नफ़रत की ख़ूनी चादर से नाकामियों को ढँकने की नाकाम कोशिश

अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

वालमार्ट के हाथों फ्लिपकार्ट का सौदा – छोटी पूँजी के उजड़ने का स्यापा करने के बजाय पूँजीवादी व्यवस्था के विरुद्ध लड़ने की तैयारी करिये! / मुकेश असीम

श्रम कानून

नेशनल पेंशन स्कीम – कर्मचारियों के हक़ों पर डकैती डालने की नयी स्कीम / प्रसेन

फासीवाद / साम्‍प्रदायिकता

हरियाणा में धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों की उड़ रही धज्जियाँ

संघर्षरत जनता

हरियाणा के नगर पालिका, नगर निगम और नगर परिषदों के कर्मचारी हड़ताल पर

उत्तर प्रदेश में शिक्षा और रोज़गार की बदहाली के विरुद्ध तीन जनसंगठनों का राज्यव्यापी अभियान

आईएमटी रोहतक की आइसिन कम्पनी के मज़दूरों के संघर्ष की रिपोर्ट

महान शिक्षकों की कलम से

लेनिन – मार्क्‍सवाद और सुधारवाद

पूँजीवादी जनतन्त्र के बारे में कार्ल मार्क्स के विचार / अमिताभ बच्चन (कवि) द्वारा प्रस्तुत

बुर्जुआ जनवाद – चुनावी नौटंकी

कर्नाटक चुनाव और इक्कीसवीं सदी के फासीवाद की अश्लील राजनीति के मुज़ाहरे

साम्राज्यवाद / युद्ध / अन्धराष्ट्रवाद

बर्बर ज़ायनवादियों ने ग़ाज़ा में करवाया एक और क़त्लेआम – फ़िलिस्तीनियों‍ ने पेश की बहादुराना प्रतिरोध की एक और मिसाल / आनन्द सिंह

पर्यावरण / विज्ञान

आँधी-तूफ़ान से हुई जानमाल की भयंकर क्षति – प्रकृति को जि़म्मेदार ठहराकर यह व्यवस्था अपने निकम्मेपन को नहीं छुपा सकती / आनन्द सिंह

इतिहास

माओवादी चीन में रोज़मर्रा का जीवन (इब्ने-इंशा के सफ़रनामे ‘चलते हों तो चीन को चलिए’ पर आधारित)

औद्योगिक दुर्घटनाएं

वाराणसी में फ्लाईओवर गिरने से कम से कम 20 लोगों की मौत – यह कोई हादसा नहीं, क्रूर हत्या है जिसके अपराधियों को बचाने के लिए सरकार मुस्तैद है / अविनाश

गतिविधि रिपोर्ट

अन्तरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर पूँजीवादी शोषण के खि़लाफ़ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया

चार क्रान्तिकारी संगठनों ने अमर शहीद सुखदेव का जन्मदिन मनाया

कला-साहित्य

गीत – क्या मैं अब भी कसूरवार नहीं हूँ? / बेर्निस जॉनसन रीगन

मज़दूरों की कलम से

गीत : जागो दुनिया के मज़दूर! / बब्बन भक्त

मजदूरों के पत्र – हम सब मेहनतकश आदमखोर पूँजीपतियों की लूट का शिकार हैं। / रमन,
कैथल, चौशाला गाँव, हरियाणा