(मज़दूर बिगुल के मई 2017 अंक में प्रकाशित लेख। अंक की पीडीएफ फाइल डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें और अलग-अलग लेखों-खबरों आदि को यूनिकोड फॉर्मेट में पढ़ने के लिए उनके शीर्षक पर क्लिक करें)

सम्पादकीय

मोदी सरकार के तीन वर्ष : घटते रोज़गार, बढ़ती महँगाई, अधिकारों पर बढ़ते हमले – श्रम क़ानूनों में ”सुधार” के नाम पर सौ साल के संघर्षों से हासिल अधिकार छीनने की तैयारी में है सरकार

अर्थनीति : राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय

क्या छँटनी/बेरोज़गारी की वज़ह ऑटोमेशन है? / मुकेश त्यागी

बैंक कानून में संशोधन अध्यादेश : हज़ारों करोड़ कर्ज़ लेकर डकार जाने वालों की भरपाई का बोझ उठाने के लिए जनता तैयार रहे / मुकेश त्यागी

अर्थव्यवस्था चकाचक है तो लाखों इंजीनियर नौकरी से निकाले क्यों जा रहे हैं?

फासीवाद / साम्‍प्रदायिकता

इलेक्ट्रोनिक व सोशल-मीडिया पर चल रहे कारनामे / अभिषेक

आर.एस.एस. और बी.एम.एस. के मई दिवस विरोध के असली कारण / मुकेश त्यागी

आरएसएस का “गर्भ विज्ञान संस्कार” – जाहिल नस्लवादी मानसिकता का नव-नाज़ी संस्करण / डॉ. पावेल पराशर

संघर्षरत जनता

मज़दूर विरोधी आर्थिक सुधारों के खि़लाफ़ ब्राज़ील के करोड़ों मज़दूर सड़कों पर उतरे / रणबीर

आइसिन ऑटोमोटिव के मज़दूर कम्पनी प्रबन्धन के शोषण के ख़िलाफ़ संघर्ष की राह पर

मज़दूर आंदोलन की समस्याएं

एमसीडी चुनावों में ‘क्रान्तिकारी मज़दूर मोर्चा’ की भागीदारी : एक राजनीतिक समीक्षा व समाहार

स्‍वास्‍थ्‍य

इलाज कराने वाली कम्पनियों का कौन करेगा इलाज? / तपिश

विरासत

‘पूँजी’ के साहित्यिक मूल्य के बारे में / कविता कृष्णपल्लवी

स्मृति शेष

मज़दूर संघर्षों के साथी नितिन नहीं रहे… साथी नितिन को अन्तिम लाल सलाम

गतिविधि रिपोर्ट

अन्तरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

हरियाणा में दलित उत्पीड़न के खि़लाफ़ संयुक्त प्रदर्शन!

मुम्बई के ग़रीबों के फेफड़ों में ज़हर घोल रहे बायोवेस्ट ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट को बन्द करवाने के लिए शुरू हुआ संघर्ष / सत्यनारायण

स्त्रियों को पहली बार वास्तविक आज़ादी की राह पर आगे बढ़ाने का काम अक्टूबर क्रान्ति के बाद स्थापित सोवियत समाजवाद ने किया

कला-साहित्य

युवा मार्क्स की कविता : जीवन-लक्ष्य

मज़दूरों की कलम से

लुधियाना के एक मजदूर का पत्र