देश के सभी ‘अर्बन नक्सलों’ से एक ‘अर्बन नक्सल’ की कुछ बातें
अब इस बात में संशय का कोई कारण नहीं है कि यह फ़ासिस्ट सत्ता उन सभी आवाज़ों का किसी भी क़ीमत पर गला घोंट देना चाहती है जो नागरिक आज़ादी और जनवादी अधिकारों के पक्ष में मुखर हैं। भीमा कोरेगाँव षड्यंत्र मुक़दमा उसी साज़िश की अबतक की सबसे ख़तरनाक कड़ी है।






















