90,000 मज़दूरों को इज़रायल भेजना इज़रायली ज़ायनवादियों की हत्यारी मुहिम का समर्थन करना है!
भारत ने 1948 के बाद से ही फ़िलिस्तीनी जनता के मुक्ति संघर्ष का लगातार समर्थन किया है, लेकिन मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत का इज़रायल की ओर झुकाव बढ़ता जा रहा है। इतना ही नहीं, भारत सरकार ने 90,000 भारतीय कामगारों को इज़रायल भेजने की घोषणा की है। इज़रायल द्वारा फ़िलिस्तीन पर जारी युद्ध के कारण हज़ारों फ़िलिस्तीनीयों के वर्क परमिट रद्द कर दिये गये हैं और उन्हें विस्थापित कर दिया गया है। इन श्रमिकों की जगह इज़रायल ने भारत से 1,00,000 श्रमिकों को भेजने का अनुरोध किया, जिसे भारत सरकार ने तुरन्त मंजूरी दे दी।






















