जानलेवा महँगाई ग़रीबों के जीने के अधिकार पर भी हमला है!
हाल में देश के कई शहरों में किये गये एक सर्वेक्षण में लोगों ने अपने लिये सबसे बड़ा खतरा महँगाई को बताया था। उनकी नज़र में ख़तरों की लिस्ट में आतंकवाद आठवें नंबर पर था। अम्बाला में एक नागरिक ने कहा कि देश की सुरक्षा को खतरा आतंकवाद से नहीं आलू से है। जब आलू 25 रुपये किलो बिकेगा तो लोग आतंकवादी नहीं बनेंगे तो क्या करेंगे? थैलीशाहों की सेवा में लगे देश के हुक्मरानों को तो यह जानलेवा महँगाई कोई समस्या नज़र नहीं आती लेकिन ग़रीबों के भीतर सुलगती गुस्से की आग को अब ज्यादा दिनों तक दबाये नहीं रखा जा सकता।





















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